छत्तीसगढ़ प्रदेश विद्यालयीन शिक्षक संघ ने उठाई मांग: विशेष पिछड़ी जनजाति के शिक्षकों को विभागीय D.El.Ed. कराना सरकार की जिम्मेदारी
जशपुर, छत्तीसगढ़।
जिले में छत्तीसगढ़ प्रदेश विद्यालय शिक्षक संघ के तत्वावधान में आयोजित बैठक में शिक्षकों की समस्याओं को लेकर गंभीर चर्चा हुई। बैठक में विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय से जुड़े शिक्षक-शिक्षिकाओं सहित विभिन्न ब्लॉकों के शिक्षकों ने अपनी समस्याएं संघ के समक्ष रखीं और समाधान की मांग की।
बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष श्री मुकेश कुमार ने की। इस अवसर पर ब्लॉक अध्यक्ष श्रीमती देवकी प्रधान एवं जिला सचिव श्री विजय कुमार पैंकरा की विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम को सफल बनाने में पहाड़ी कोरवा समुदाय से जुड़े संध्या पहाड़िया, विजय कुमार,सोहनलाल राम, गुप्तेश्वर राम, सरिता बाई,दिनेश्वरी हंसदा सहित अन्य साथियों का उल्लेखनीय सहयोग रहा।
बैठक में प्रमुख रूप से यह मांग सामने आई कि विशेष पिछड़ी जनजाति के शिक्षकों को विभागीय D.El.Ed. कराना सरकार की जिम्मेदारी तय की जाए। शिक्षकों ने बताया कि वर्तमान में विभागीय D.El.Ed. प्रशिक्षण संचालित हो रहा है, लेकिन उसमें चयन सीनियरिटी (वरिष्ठता) के आधार पर होने के कारण सभी शिक्षकों को अवसर नहीं मिल पा रहा है।
विशेष रूप से पहाड़ी कोरवा समुदाय से जुड़े शिक्षकों ने बताया कि वे सीधे भर्ती के माध्यम से नियुक्त हुए हैं और उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि अपेक्षाकृत कमजोर होने के कारण वे प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल नहीं हो पा रहे हैं। ऐसी स्थिति में 5 वर्षों के भीतर D.El.Ed. पूर्ण करने की अनिवार्यता उनके लिए व्यावहारिक नहीं है, जिससे उनके नियमितीकरण की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
जिला अध्यक्ष श्री मुकेश कुमार ने कहा कि संघ इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए शासन स्तर तक मजबूती से उठाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक सभी शिक्षकों को समान अवसर उपलब्ध नहीं कराया जाता, तब तक इस प्रकार की अनिवार्यता न्यायसंगत नहीं मानी जा सकती।
संघ ने निर्णय लिया है कि 26 मार्च को प्रदेश नेतृत्व, प्रांत अध्यक्ष श्री धरमदास बंजारे के सहयोग से डीपीआई एवं शिक्षा विभाग को ज्ञापन सौंपा जाएगा, ताकि शिक्षकों की इस समस्या का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
जशपुर में आयोजित यह बैठक शिक्षकों की समस्याओं को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आई है। संघ द्वारा उठाई गई यह मांग अब शासन स्तर पर ध्यान आकर्षित करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
जय जोहार ✊

