अत्यधिक गर्मी को देखते हुए विद्यालय समय परिवर्तन की मांग, शिक्षक संघ ने डीईओ को सौंपा ज्ञापन
जशपुर, 13 मार्च 2026।
जिले में लगातार बढ़ रही गर्मी को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश विद्यालयीन शिक्षक संघ, जिला जशपुर ने विद्यालयों के संचालन समय में परिवर्तन करने की मांग की है। इस संबंध में शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) जशपुर को ज्ञापन सौंपकर विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को देखते हुए विद्यालय का समय सुबह करने का आग्रह किया है।
शिक्षक संघ द्वारा दिए गए ज्ञापन में बताया गया है कि वर्तमान में जिले में तापमान लगातार बढ़ रहा है और दोपहर के समय तेज गर्मी पड़ रही है। ऐसे में विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी का सीधा प्रभाव बच्चों के स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है, इसलिए समय रहते विद्यालय के समय में परिवर्तन आवश्यक है।
शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष मुकेश कुमार ने कहा कि जिले के अधिकांश विद्यालयों में छोटे-छोटे बच्चे पढ़ने आते हैं, जिनमें प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के विद्यार्थी भी शामिल हैं। तेज धूप और बढ़ते तापमान के कारण बच्चों को विद्यालय आने-जाने में कठिनाई होती है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यार्थी दूर-दराज के गांवों से पैदल या साइकिल से विद्यालय पहुंचते हैं, जिससे दोपहर के समय उन्हें अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
संघ के पदाधिकारियों ने जिला शिक्षा अधिकारी से निवेदन किया है कि विद्यार्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए विद्यालयों का संचालन सुबह 7:30 बजे से 11:30 बजे तक किया जाए। इससे विद्यार्थियों को गर्मी से राहत मिलेगी और पढ़ाई का माहौल भी बेहतर रहेगा।
इस ज्ञापन में शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष मुकेश कुमार, सचिव विजय कुमार पैंकरा, कोषाध्यक्ष/सह कोषाध्यक्ष अजीत, तथा कार्यकारी अध्यक्ष मधु पैंकरा के हस्ताक्षर शामिल हैं। संघ के पदाधिकारियों ने प्रशासन से उम्मीद जताई है कि विद्यार्थियों के हित को सर्वोपरि रखते हुए इस विषय पर जल्द ही सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
ज्ञापन की प्रतिलिपि जिला कलेक्टर जशपुर तथा छत्तीसगढ़ प्रदेश विद्यालयीन शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष धर्मनारायण वाजपेयी को भी प्रेषित की गई है, ताकि इस विषय पर शीघ्र कार्रवाई हो सके।
शिक्षक संघ ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से यह मांग प्रशासन के समक्ष रखी गई है।


