शिक्षक हित में छत्तीसगढ़ प्रदेश विद्यालयीन शिक्षक संघ की बड़ी जीत

0

 

शिक्षक हित में छत्तीसगढ़ प्रदेश विद्यालयीन शिक्षक संघ की बड़ी जीत ✊

संघ की मांग पर जिला शिक्षा अधिकारी ने 10 दिवस के अतिरिक्त अर्जित अवकाश का आदेश किया जारी

जशपुर में शिक्षक हित की मांग को मिली सफलता — अनुसूचित क्षेत्र में पदस्थ कर्मचारियों को मिलेगा 10 दिन का अतिरिक्त अर्जित अवकाश

जशपुर। अनुसूचित क्षेत्र में पदस्थ शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए लंबे समय से उठाई जा रही महत्वपूर्ण मांग पर आखिरकार बड़ी सफलता मिली है। छत्तीसगढ़ प्रदेश विद्यालयीन शिक्षक संघ, जिला जशपुर द्वारा 10 दिवस के अतिरिक्त अर्जित अवकाश की मांग को लेकर जिला शिक्षा विभाग के समक्ष ज्ञापन सौंपकर लगातार पहल की गई थी। संघ की इस मांग पर अब जिला शिक्षा अधिकारी, जशपुर द्वारा विधिवत आदेश जारी कर दिया गया है।

जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय जशपुर द्वारा क्रमांक/1922/स्था.02/अति. अर्जि. अवकाश/2026-27, दिनांक 14 अगस्त 2026 को जारी आदेश में अनुसूचित क्षेत्रों में पदस्थ पात्र कर्मचारियों को वर्ष में 10 दिवस का अतिरिक्त अर्जित अवकाश प्रदान किए जाने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आदेश में स्पष्ट किया गया है कि 10 दिवस का यह अतिरिक्त अर्जित अवकाश प्रदान किए जाने से अर्जित अवकाश की अधिकतम सीमा प्रभावित नहीं होगी। अर्थात यह अतिरिक्त अवकाश कर्मचारियों के लिए शासन द्वारा निर्धारित प्रावधान के अनुसार अलग से देय होगा और अर्जित अवकाश की अधिकतम सीमा पर इसका प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

पुरानी मांग बनी बड़ी उपलब्धि

दरअसल, 6 अगस्त 2026 को प्रकाशित समाचार में छत्तीसगढ़ प्रदेश विद्यालयीन शिक्षक संघ द्वारा अनुसूचित क्षेत्र के कर्मचारियों को 10 दिन का अतिरिक्त अर्जित अवकाश दिए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई थी। संघ ने जिला शिक्षा अधिकारी, जशपुर को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की थी कि शिक्षा विभाग में कार्यरत पात्र अधिकारी, कर्मचारी, व्याख्याता, शिक्षक, सहायक शिक्षक एवं सहायक शिक्षक (प्रयोगशाला) सहित सभी पात्र कर्मचारियों को शासन के प्रावधान के अनुसार इस सुविधा का लाभ तत्काल उपलब्ध कराया जाए तथा इस संबंध में स्थायी आदेश जारी किया जाए।

संघ ने अपने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया था कि जिले के शिक्षा विभाग में कार्यरत पात्र कर्मचारी अपने वैधानिक अधिकार से वंचित हो रहे हैं। संघ की इस पहल के बाद अब जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा आदेश जारी किए जाने से शिक्षक हित में संगठन की मांग को प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई है।

इन पदाधिकारियों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

इस मांग को मजबूती से जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग के समक्ष रखने में संघ के जिलाध्यक्ष मुकेश कुमार, सचिव विजय कुमार पैकरा एवं कोषाध्यक्ष अनुपमा कुजूर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

इसके साथ ही संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रेमी, जिला संरक्षक डॉ. मिथिलेश पाठक, कार्यकारी अध्यक्ष मधु पैकरा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष दादू प्रसाद चंदा, उपाध्यक्ष अजय कुमार, जानकी साहू एवं रामकुमार आदित्य, सह-सचिव मंजू भारती, संगठन प्रमुख आशीष शर्मा, प्रवक्ता सागर विश्वकर्मा, जिला कार्यकारिणी सदस्य बंगला रात्रे, ज्योति चाणक्य एवं मनोहर टोप्पो सहित संगठन के अन्य पदाधिकारियों ने इस मांग का समर्थन किया।

वहीं संघ की विकासखंड इकाइयों से विकासखंड अध्यक्ष साधना भारती (कांसाबेल), अजय डडसेना (फरसाबहार), निर्मिता नायक (कुनकुरी) एवं देवकी प्रधान (जशपुर) सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी मांग के समर्थन में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।

“संघ की मांग, शिक्षकों का अधिकार”

छत्तीसगढ़ प्रदेश विद्यालयीन शिक्षक संघ का कहना है कि संगठन केवल मांग उठाने तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षकों एवं कर्मचारियों को उनके वैधानिक एवं सेवा संबंधी अधिकार दिलाने के लिए लगातार प्रशासन के समक्ष प्रभावी तरीके से अपनी बात रखता रहेगा।

10 दिन के अतिरिक्त अर्जित अवकाश का यह आदेश संगठन के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मांग उठाने के कुछ ही दिनों के भीतर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा आदेश जारी कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

संघ ने इस आदेश को शिक्षक हित में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा है कि जिले के पात्र कर्मचारियों को अब शासन के प्रावधान के अनुसार इस सुविधा का लाभ मिलने का रास्ता स्पष्ट हो गया है।

संघ का संदेश

“जहां शिक्षक हित की बात होगी,

वहां छत्तीसगढ़ प्रदेश विद्यालयीन शिक्षक संघ मजबूती से अपनी आवाज बुलंद करेगा।

शिक्षकों के अधिकारों की लड़ाई निरंतर जारी रहेगी।”

शिक्षक हित सर्वोपरि • संगठन मजबूत, शिक्षक मजबूत • संघर्ष से समाधान तक ✊🇮🇳

Post a Comment

0 Comments
Post a Comment (0)
To Top